मुंगेली जिले की लोरमी नगर पंचायत अध्यक्ष अंकिता रवि शुक्ला को बड़ा झटका लगा है। आज शुक्रवार को यहां बीजेपी पार्षद रिक्की सलूजा ने प्रेसिडेंट इन काउंसिल (PIC) से इस्तीफा दे दिया है। अध्यक्ष के नाम सौंपे गए अपने इस्तीफे में पार्षद ने व्यक्तिगत कारणों के चलते अपने दायित्वों का ठीक से निर्वहन नहीं कर पाने को वजह बताया है।

लोरमी नगर पंचायत में जारी पार्षदों का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। नगर पंचायत अध्यक्ष अंकिता रवि शुक्ला के खिलाफ 5 भाजपा पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव के लिए कलेक्टर से बैठक बुलाने की मांग की थी। हालांकि कलेक्टर की ओर से जारी अविश्वास प्रस्ताव की कार्रवाई पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने 4 सप्ताह के लिए स्टे लगाया है। इस आदेश से नगर पंचायत के BJP और विरोधी पार्षदों को झटका लगा है। पार्षदों की शिकायत पर कलेक्टर राहुल देव ने अध्यक्ष को सुनवाई का अवसर दिए बिना ही बुधवार 24 अगस्त को अविश्वास प्रस्ताव के लिए बैठक भी बुला ली थी।

रिक्की सलूजा ने PIC से दिया इस्तीफा।
रिक्की सलूजा ने PIC से दिया इस्तीफा।

वहीं जिन 5 भाजपा पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव के लिए बैठक बुलाने की मांग की थी, उनमें से एक रिक्की सलूजा जो वार्ड क्रमांक 6 से चुनकर आए हैं और PIC के मेंबर भी हैं, उन्होंने इस्तीफा दे दिया है। बताया जा रहा है कि प्रेसिडेंट इन कौंसिल के तौर पर काम करते हुए अविश्वास प्रस्ताव लाने को लेकर उन पर सवाल उठ रहे थे, इसलिए उन्होंने रिजाइन किया है।

बीजेपी पार्षद रिक्की सलूजा ने PIC से दिया इस्तीफा।
बीजेपी पार्षद रिक्की सलूजा ने PIC से दिया इस्तीफा।

ऐसी है लोरमी नगर पंचायत की स्थिति

लोरमी नगर पंचायत में छत्तीसगढ़ में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (JCCJ) की टिकट से अंकिता रवि शुक्ला चुनाव जीती थीं। इसके बाद उन्हें सर्वसम्मति से नगर पंचायत अध्यक्ष बनाया गया, लेकिन पिछले कुछ महीनों से यहां उठापटक चल रही है। कांग्रेस के पार्षदों के समर्थन से अध्यक्ष बनीं अंकिता की कुर्सी पर खतरा मंडरा रहा है, क्योंकि उनकी पार्टी के 4, जबकि कांग्रेस के 6 और भाजपा के 5 पार्षद हैं। ऐसे में नाराज पार्षदों ने उनके कामकाज को लेकर नाराजगी जताते हुए कलेक्टर राहुल देव से शिकायत कर दी थी। उन्होंने विकास कार्यों में भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाते हुए अविश्वास प्रस्ताव के लिए बैठक बुलाने की मांग की थी।

लोरमी नगर पंचायत में राजनीतिक संकट

लोरमी नगर पंचायत में इन दिनों राजनीतिक संकट गहराया हुआ है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि अध्यक्ष के कामकाज से कांग्रेस और खुद उनकी ही पार्टी JCCJ के ज्यादातर पार्षद नाराज बताए जा रहे हैं। उनकी पार्टी के बाहरी नेताओं की दखल चुने हुए जनप्रतिनिधियों को रास नहीं आ रही है। यही वजह है कि नाराज पार्षद अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं।

पहले भी हो चुका है इस्तीफा

लोरमी नगर पंचायत में 3 अगस्त 2021 को भी दो सदस्यों ने प्रेसिडेंट इन काउंसिल से इस्तीफा दिया था। उस समय स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग के सभापति सालिकराम बंजारे (कांग्रेस) और सामान्य प्रशासन विभाग की सभापति सीमा मनीष त्रिपाठी (जेसीसीजे) ने इस्तीफा दे दिया था। हालांकि तब अध्यक्ष ने अपनी ही पार्टी की नाराज सदस्य सीमा मनीष त्रिपाठी का इस्तीफा स्वीकार कर लिया था, जबकि कांग्रेस के सालिकराम बंजारे का इस्तीफा अस्वीकार करते हुए किसी तरह उन्हें मना लिया था। सीमा मनीष त्रिपाठी के इस्तीफे के बाद भाजपा के पार्षद रिक्की सलूजा को नया पीआईसी मेंबर बनाया गया था।

नए सदस्य पर सस्पेंस

मौजूदा समय में जिस तरह से नगर पंचायत की सियासत गरमाई हुई है, उसे देखते हुए पीआईसी में किस पार्टी के पार्षद की एंट्री होती है, ये देखना रोचक होगा। क्योंकि भाजपा के 5 पार्षद खुलकर अध्यक्ष अंकिता रवि शुक्ला का विरोध कर रहे हैं, तो वहीं उनके पक्ष में कुछ जेसीसीजे और कांग्रेस के पार्षद भी पीछे से खड़े हुए हैं। इसलिए फिलहाल इस पर सस्पेंस बरकरार है।