देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से के बाद मानसून अब छत्तीसगढ़ से भी विदा होने लगा है। - Dainik Bhaskar
देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से के बाद मानसून अब छत्तीसगढ़ से भी विदा होने लगा है।

रायपुर. देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से के बाद मानसून अब छत्तीसगढ़ से भी विदा होने लगा है। यहां के उत्तरी हिस्से पेंड्रा से शुक्रवार को मानसून की विदाई शुरू हो गई है। मानसून के एक हफ्ते में बस्तर से भी लौटने के आसार हैं, अर्थात अगले सात दिन में यह पूरे छत्तीसगढ़ से विदा हो जाएगा।

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक लौटते मानसून की वजह से 18-20 अक्टूबर तक प्रदेश में कहीं-कहीं छिटपुट बारिश होगी, लेकिन रात के तापमान में हल्की कमी अब शुरू हो जाएगी। मानसून की वापसी की शुरुआत के साथ अब उत्तर छत्तीसगढ़ में उत्तर-पूर्वी हवा का असर शुरू हो गया। सरगुजा संभाग के कई जिलों में रात के तापमान में कमी आ रही है। आउटर में नमी और ठंडी हवा के कारण कोहरा भी छाने लगा है। शुक्रवार को मौसम विभाग ने बताया कि समुद्र से काफी नमी आ गई है, इसलिए मानसून वापसी की रफ्तार धीमी है। तीन-चार दिन में बादल छंटने से यह प्रक्रिया तेज होगी।

फसल के लिए हानिकारक
कृषि मौसम विज्ञानी डा. जीके दास के अनुसार धान कटने लगा है, इसलिए यह बारिश हानिकारक है। बारिश तेज हुई तो खड़ी फसल भी प्रभावित होगी। चूंकि वर्षा कहीं-कहीं हो रही है इसलिए ज्यादा नुकसान की आशंका नहीं है। किसानों को कोशिश करनी चाहिए कि फसलों की कटाई चार-पांच दिन रोकें।

रायपुर में सुबह तेज वर्षा, आज भी आसार
बंगाल की खाड़ी और कर्नाटक तट पर अलग-अलग चक्रवात सक्रिय हैं, इसलिए छत्तीसगढ़ में खाड़ी से काफी नमी आ गई है। इसीलिए शुक्रवार को रायपुर समेत प्रदेश में कुछ जगह सुबह अच्छी बारिश हुई है। शनिवार, 15 अक्टूबर को भी कहीं-कहीं बौछारें पड़ सकती हैं।

मानसून वापसी यानी उत्तर-पूर्व से हवा
मौसम विज्ञानियों के अनुसार छत्तीसगढ़ से मानसून की वापसी तब होती है, जब हवा की दिशा दक्षिण-पश्चिम से बदल जाती है। यहां जून से मानसून विदा होने तक दक्षिण-पश्चिम यानी खाड़ी की तरफ से हवा आती है। यही हवा टर्न होकर अरब सागर होते हुए पूरे भारत में फैलती है। इससे देशभर में बारिश होती है। लेकिन अब हवा की दिशा बदलकर पूर्वी-उत्तर-पूर्वी और उत्तरी होने लगी है। इसलिए खाड़ी से नमी आने का सिलसिला रुकता है और उत्तर-पश्चिमी से सूखी तथा ठंडी हवा प्रदेश में आने लगती है।

छत्तीसगढ़ में तकनीकी रूप से मानसून की विदाई यही है। मानसून वापसी का अर्थ यह नहीं है कि छत्तीसगढ़ में अब बारिश नहीं होगी। ठंड के दौरान दिसंबर और जनवरी में भी प्रदेश में बारिश होती है, लेकिन यह उत्तर-पूर्वी मानसून का असर रहता है। देश के दक्षिणी राज्यों में नवंबर से जनवरी के बीच बारिश इसी वजह से होती है।
(स्त्रोत: लालपुर मौसम केंद्र और कृषि मौसम विभाग-आईजीकेवी।)

वापसी की तारीख
2011 – 24 अक्टूबर
2012 – 15 अक्टूबर
2013 – 19 अक्टूबर
2014 – 17 अक्टूबर
2015 – 18 अक्टूबर
2016 – 15 अक्टूबर
2017 – 17 अक्टूबर
2018 05 अक्टूबर
2019 10 अक्टूबर
2020 21 अक्टूबर
2021 13 अक्टूबर