मुंगेली 28 जुलाई/ कलेक्टर पी. एस.एल्मा के मार्गदर्शन में चल रहे कार्यक्रम ‘‘पढ़ई तुंहर दुवार’’ का रूप ऑनलाइन के साथ से वैकल्पिक शिक्षा व्यवस्था पर भी जोर दिया जा रहा है। यह व्यवस्था उन बच्चों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। जिनके पास स्मार्ट फोन या अन्य कोई सुविधा नहीं है। ऐसे बच्चों की संख्या मुंगेली जिले में लगभग 80 प्रतिशत है । इतनी बड़ी संख्या में बच्चे शिक्षा से वंचित न हो इसे ध्यान में रखते हुए ऑनलाईन क्लास के साथ अतिरिक्त वैकल्पिक शिक्षा पर भी जोर दिया जा रहा है। वैकल्पिक शिक्षा हेतु शिक्षक स्वयं गॉव में उपस्थित हो कर पालकों , सरपंच, पंच एवं शाला विकास समिति के सदस्यों के अतिरिक्त सेवा निवृत शिक्षकों व गांव के पढ़े लिखे युवक, युवतियों से सतत संपर्क कर रहे है और उनसे चर्चा कर उनके सहयोग से छोटे – छोटे समूह में हर मोहल्ले में किसी की परछी , कमरा ,गली सड़क या सरकारी भवन आदि का उपयोग कर शिक्षा की अलख जगा रहे है । इससे बच्चों एवं पालकों के मन में शिक्षा के प्रति एक नया उत्साह और विश्वास देखने को मिल रहा है। जिले के प्राथमिक शाला लिमहा में शिक्षिका श्रीमती सपना ठाकुर , श्रीमती वंदिता शर्मा इसी प्रकार प्राथमिक शाला किशनपुर के शिक्षिका श्रीमती कन्याकुमारी पटेल, पूर्व माध्यमिक शाला लालपुर कला के शिक्षक श्री युगल किशोर राजपूत, श्री दया राम साहू बच्चों के मुहल्ले में जा कर पढ़ाई में निरंतरता बनाये रखने, कोविड- 19 के नियम का सम्पूर्ण पालन करते हुए अध्यापन कार्य कराने में कामयाब हो रहे है। संकुल समन्यवक रघुनाथ सिंह, उमेश कश्यप ने बताया कि यह कार्य शिक्षक एवं शिक्षिकाओं द्वारा गतमाह से की किया जा रहा है। जो एक प्रेरणादायक कार्य है। जिला कलेक्टर एल्मा, जिला शिक्षा अधिकारी जी.पी.भारद्वाज, जिला समन्वयक वी पी सिंह, जिला नोडल पी. सी. दिव्य और जिला मीडिया प्रकोष्ठ प्रभारी राजेन्द्र क्षत्रिय ने जिले के अन्य शिक्षको को वैकल्पिक व्यवस्था से प्रेरणा लेकर साधन विहीन छात्रों की शिक्षा में सहयोग प्रदान करने की अपेक्षा की है, ताकि कोई भी छात्र शिक्षा की मुख्यधारा से वंचित न हो ।