अंबिकापुर (संविधान शक्ति न्यूज )। राष्ट्रीय दृष्टिहीनता एवं अल्पदृष्टि नियंत्रण कार्यक्रम के तहत भारत शासन की मंशानुरूप जिला अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम सरगुजा द्वारा नेत्रदान पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में 25 अगस्त को नेत्रदान पखवाड़ा का शुभारंभ नेत्र सहायक अधिकारियों के मासिक बैठक में, नेत्रदान व भारत के कार्नियल ब्लाइंडनेस की भयावहता और कारण विषय पर परिचर्चा के साथ किया गया।

दृष्टि होगी तभी देख सकते हैं सुंदर सृष्टि को

कोविड-19 के गाइड लाइन का पालन करते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सरगुजा डा.पीएस सिसोदिया के मार्गदर्शन में सभी विकासखंडों में सप्ताह भर किए जाएंगे। नोडल अधिकारी, नेत्र सर्जन अंधत्व कार्यक्रम डा.रजत टोप्पो ने बताया कि नेत्रदान का संबंध कार्निया से है इसलिए नेत्र को किसी प्रकार के चोट एवं संक्रमण से बचाना है। मृत्यु बाद नेत्रदान हेतु छह घंटे के अंदर करीबी नेत्र बैंक या नेत्र रोग विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए, ताकि नेत्रदाता के कार्निया को जरूरतमंद व्यक्ति के आंख में प्रत्यारोपित कर रोशनी प्रदान की जा सके। उन्होंने मृत्यु उपरांत अपनी आंखें जरूरतमंदों के लिए दान करने की अपील की। उन्होंने बताया कि इस पखवाड़े का उद्देश्य स्वास्थ्य के प्रति लोगों को सजग एवं नेत्र सुरक्षा की अधिक से अधिक लोगों तक जानकारी पहुंचाना व शासन की सुविधओं का लाभ समाज के अंतिम वर्ग तक के लोगों को पहुंचाना है। पहले दृष्टि होगी तभी हम इस सुंदर सृष्टि को देख सकते हैं, इसके लिए आसपास के लोगों के आंख की सुरक्षा करने का लक्ष्य लेकर सभी चलें इसके लिए प्रेरित किया गया। स्वास्थ्य से जुड़े लोग गांव, पारा मोहल्लों तक पहुंचें। डा.अभिजीत जैन के द्वारा नेत्रदान की प्रक्रिया के बारे में बताया गया। कार्यक्रम में सभी नेत्र सहायकों की उपस्थिति रही। मो.शाहिद हुसैन ने बताया कि स्कूली बच्चों में जागरूकता के लिए पोस्टर, फूलों, चार्ट के माध्यम से मृत्यु उपरांत किस व्यक्ति की कार्निया को उपयोग में लाया जा सकता है, इसकी जानकारी दी जाएगी। सीसी अब्राहम ने बताया कि स्कूली बच्चों के लिए नेत्र के प्रति जागरूकता का पाठ उनके पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए। अन्य नेत्र सहायकों के द्वारा कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए प्रचार-प्रसार हेतु इंटरनेट मीडिया को माध्यम बनाने कहा गया। कार्यक्रम में डा.संतोष एक्का सहायक प्राध्यपक, राकेश दुबे, रमेश घृतकर नेत्र सहायक अधिकारी, संतोष वर्मा एवं विभिन्न विकासखंडों से आए नेत्र सहायक अधिकारी एवं नेत्र विभाग के नसिर्ग स्टाफ शामिल रहे। नेत्रदान के लिए संग्रह केंद्र राजमाता देवेंद्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सालय सह चिकित्सा महाविद्यालय के सहायक नेत्रदान अधिकारी या फिर नेत्र बैंक चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर, नेत्र बैंक सिम्स बिलासपुर, नोडल अधिकारी नेत्रदान अधिकारी (अंधत्व) से संपर्क करने कहा गया है।

नेत्रदान से किसी की दुनिया हो सकती है रोशन-

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग छत्तीसगढ़ शासन के मंत्री टीएस सिंहदेव ने नेत्रदान-महादान के संकल्प में भागीदार बनने का आम जनों से आग्रह किया है। उन्होंने कहा है कि मृत्यु उपरांत नेत्रदान किसी के जीवन की अंधेरी दुनिया को रोशन कर सकता है। यदि किसी व्यक्ति के द्वारा जीवन में नेत्रदान की घोषणा न की गई हो, फिर भी रिश्तेदार मृत व्यक्ति का नेत्रदान कर सकते हैं। एक व्यक्ति के नेत्रदान से दो दृष्टिहीन पुनः दुनिया देख सकते हैं। उन्होंने आग्रह किया कि इस पुनीत कार्य के लिए आगे आएं और लोगों को नेत्रदान हेतु प्रेरित करें।